अदालती मामला यीशु: सुसमाचारिक अधिकार-दावों की तोराह-अधिकारिता जाँच मुखपृष्ठ

फ्रांस हैनसेन की पुस्तक

अदालती मामला यीशु: सुसमाचारिक अधिकार-दावों की तोराह-अधिकारिता जाँच

पूरा case file: पहले jurisdiction, फिर evidence। Gospel authority claims को स्थिर Torah categories और admissible argument rules के तहत जाँचता है।

यह पुस्तक क्या जाँचती है: Court Case Jesus: A Torah-Jurisdiction

प्रश्न यह नहीं कि ईसाई प्रतीकात्मक संबंधों पर उपदेश दे सकते हैं या नहीं। दे सकते हैं। कठिन प्रश्न यह है कि बाद की धर्मशास्त्रीय कुंजी आने से पहले हिब्रू बाइबल स्वयं उन निष्कर्षों को अधिकृत करती है या नहीं।

समानता भविष्यवाणी नहीं है। उपदेश वाचा नहीं है। बाद की व्याख्या पहले के पाठ का मूल अर्थ अपने-आप नहीं बन जाती।

यह किसके लिए है: Court Case Jesus: A Torah-Jurisdiction Audit of

इस पुस्तक को पठन मार्ग का हिस्सा बनाकर उपयोग करें। पद्धति जल्दी चाहिए तो short companion से शुरू करें, focused प्रमाण-पाठ audit के लिए Isaiah 53 पर जाएँ, typology या “JesusमेंTanakh” दावों पर 666 Shadows उपयोग करें, और Metatron, Angel of the Lord, Son of Man या pre-incarnation दावों पर Rabbis वाला खंड उपयोग करें।