
फ्रांस हैनसेन की पुस्तक
L'Affaire Jésus: Synthèse Générale — फ्रांस हैनसेन की पुस्तक
Gospel authority पर एक नए कानूनी अध्ययन में स्पष्ट प्रवेश। यह संक्षिप्त guide मुख्य दावों, प्रमाणों और framework को प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक क्या जाँचती है: L'Affaire Jésus: Synthèse Générale — फ्रांस हैनसेन की पुस्तक
प्रश्न यह नहीं कि ईसाई प्रतीकात्मक संबंधों पर उपदेश दे सकते हैं या नहीं। दे सकते हैं। कठिन प्रश्न यह है कि बाद की धर्मशास्त्रीय कुंजी आने से पहले हिब्रू बाइबल स्वयं उन निष्कर्षों को अधिकृत करती है या नहीं।
समानता भविष्यवाणी नहीं है। उपदेश वाचा नहीं है। बाद की व्याख्या पहले के पाठ का मूल अर्थ अपने-आप नहीं बन जाती।
- 1तोरा को तोरा ही रहना चाहिए।
- 2सीनै बाद के निजी दावों से ऊपर है।
- 3सार्वजनिक वाचा को सार्वजनिक अर्थ चाहिए।
- 4इस्राएल, यहूदा और सिय्योन को चुपचाप पुनर्नियुक्त नहीं किया जा सकता।
- 5भविष्यवाणी की पूर्ति दिखाई देने योग्य होनी चाहिए, धुंध से बचाई हुई नहीं।
- 6दिखाई देने वाली पूर्ति सार्वजनिक, ऐतिहासिक और जाँच योग्य होनी चाहिए।
- 7दावेदार को मानक के पुनर्परिभाषित होने से पहले मसीही मानक पूरा करना होगा।
यह किसके लिए है: L'Affaire Jésus: Synthèse Générale — फ्रांस हैनसेन की पुस्तक
इस पुस्तक को पठन मार्ग का हिस्सा बनाकर उपयोग करें। पद्धति जल्दी चाहिए तो short companion से शुरू करें, focused प्रमाण-पाठ audit के लिए Isaiah 53 पर जाएँ, typology या “JesusमेंTanakh” दावों पर 666 Shadows उपयोग करें, और Metatron, Angel of the Lord, Son of Man या pre-incarnation दावों पर Rabbis वाला खंड उपयोग करें।