
खंड 1: सामान्य और ऐतिहासिक आपत्तियाँ
प्रारंभिक मामला: पहचान, गवाही, मिशनरी इतिहास, यहूदी-विरोध, होलोकॉस्ट, नोआहाइड सत्य और अनुपस्थित मसीही युग।
मुख्य प्रतिक्रिया श्रृंखला
Answering Jewish Objections to Jesus में प्रस्तुत मिशनरी मामले का पाँच-खंडीय तोराह-प्रथम ऑडिट।
ब्राउन का apologetic प्रोजेक्ट यहूदियों को यह समझाने का एक अत्यंत संगठित आधुनिक प्रयास है कि ईसाई धर्म ही यहूदी धर्म की सच्ची पूर्णता है। यह श्रृंखला जड़ पर उत्तर देती है। यह केवल अलग-अलग prooftexts का पीछा नहीं करती। यह पूरे मिशनरी ढाँचे को तोराह की अदालत में जाँचती है: पाठ, संदर्भ, वाचा, अधिकार, सार्वजनिक भविष्यवाणी, उपासना, पश्चाताप और प्रमाण-भार।
ब्राउन की पद्धति यहूदी पाठों, यहूदी श्रेणियों, यहूदी पीड़ा, रब्बी स्रोतों, मसीह, प्रायश्चित, पश्चाताप और वाचा-भाषा को बार-बार ईसाई अदालत में ले जाती है। Seven Gates प्रतिक्रिया उस मशीन को धीमा करती है और एक प्रश्न पूछती है: तोराह ने इस स्थानांतरण को कहाँ अधिकृत किया?
कोई भी स्थानांतरण तब तक वैध नहीं जब तक तोराह उसे अधिकृत न करे। कोई दावा यहूदी जैसा सुनाई दे सकता है, रब्बियों को उद्धृत कर सकता है और तनाख का उपयोग कर सकता है, फिर भी असफल हो सकता है यदि वह सीनै का उल्लंघन करता है, उपासना को मोड़ता है, पश्चाताप को बदलता है, वाचा-श्रेणियों को उलटता है या मसीही परिणामों को अनिश्चितकाल तक टालता है।
मिशनरी दबाव में यहूदियों के लिए: खंड 5, फिर खंड 2, फिर खंड 3।
prooftexts पर प्रश्न करने वाले ईसाइयों के लिए: खंड 3, फिर खंड 4, फिर खंड 2।
नोआहाइड के लिए: खंड 2 और खंड 5।
जब आप पाँच अलग पुस्तक कार्ड नहीं बल्कि ब्राउन के पूरे उत्तर को क्रम में पढ़ना चाहते हैं, तो इस हब का उपयोग करें।

प्रारंभिक मामला: पहचान, गवाही, मिशनरी इतिहास, यहूदी-विरोध, होलोकॉस्ट, नोआहाइड सत्य और अनुपस्थित मसीही युग।

सिद्धांत का मामला: त्रित्व, अवतार, दिव्य मसीह, प्रायश्चित, पश्चात्ताप, वाचा-स्थानांतरण, आराधना और क्या यहूदियों या नोआहाइडों को यीशु की आवश्यकता है।

प्रमाण-पाठ का मामला: यशायाह 53, दानिय्येल 9, भजन 22, भजन 110, जकर्याह 12 और सार्वजनिक मसीही सत्यापन।

नए नियम का मामला: उद्धरण-पद्धति, टाइपोलॉजी, वंशावली, सुसमाचार-रचना, यीशु, पौलुस, सब्त, भोजन-नियम और यिर्मयाह 31।

अधिकार का मामला: मौखिक तोराह, रब्बी अधिकार, व्यवस्थाविवरण 17, यहूदी निरंतरता, तोराह की पर्याप्तता, सार्वजनिक सीनै, भजन 19 और यीशु के बिना यहूदी धर्म।
पहले यह मत पूछो कि ईसाई पढ़ाई संभव है या नहीं। पूछो कि तोराह ने स्थानांतरण को अधिकृत किया या नहीं।