The Warnings of the Prophets: Why Christianity Fails the Collective Prophetic Witness of Israel cover

नई रिलीज़

The Warnings of the Prophets: Why Christianity Fails the Collective Prophetic Witness of Israel

ईसाई दावों के विरुद्ध Torah-first न्यायालयी मामला। मूसा अधिकार-क्षेत्र तय करता है, नबी साथ गवाही देते हैं, और नए नियम को बोलने से पहले ईसाई धर्म को तनाख की वाचा-श्रेणियों में टिकना पड़ता है।

The Warnings of the Prophets sales poster

इस पुस्तक का कठोर प्रश्न

यदि मूसा और नबी अपने ही मानकों पर दावा जाँचें, तो क्या तनाख ईसाई धर्म को अधिकृत करेगा?

यह आपत्तियों की ढीली सूची नहीं है। यह इस्राएल की वाचा-साक्ष्य के अधीन ईसाई धर्मशास्त्र की फोरेंसिक जाँच है। ईसाई धर्म हिब्रू बाइबल को लगातार उद्धृत करता है, लेकिन अदालत के रिकॉर्ड को उद्धृत करना उसके निर्णय में टिकने जैसा नहीं है।

ईसाई धर्म इस्राएल की नबूवी भाषा उधार लेता है, उसकी दिशा उलटता है, और उस उलटफेर को पूर्ति कहता है।

यह पुस्तक किसके लिए है

  • यहूदी पाठक जो अधिक मजबूत बचाव और स्पष्ट counter-missionary श्रेणियाँ चाहते हैं।
  • वे ईसाई जो हिब्रू बाइबल को नए नियम का न्याय करने देना चाहते हैं, उल्टा नहीं।
  • Post-Christians और Noahides जिन्हें यह देखना है कि ईसाई सिद्धांत को अस्वीकार करना परमेश्वर को अस्वीकार करना नहीं है।

यह पुस्तक किसे कटघरे में लाती है

इस पुस्तक का उपयोग कैसे करें

इस पुस्तक का उपयोग तब करें जब बहस अलग-अलग prooftexts से मूसा और नबियों की सामूहिक गवाही पर आती है। यह अवतार, क्रूस-प्रायश्चित, fulfilled Torah, चर्च अधिकार, चमत्कार-दावे और typology को तनाख की अपनी वाचा-नियंत्रणों के नीचे खड़ा करती है।

आगे कहाँ जाएँ

इसे Seven Gate methodology और व्यापक counter-missionary library के साथ पढ़ें, जब चर्चा दानिय्येल prooftexts से jurisdiction, covenant authority, messiahship, resurrection, sacrifice और fulfilment पर जाती है।