साक्ष्य सेतु
क्या कोई अन्यजाति यहूदी या ईसाई बने बिना परमेश्वर के सामने धार्मिक ठहर सकता है?
पाठक इस्राएल की विशिष्ट वाचा बनाए रखते हुए समझ सकेगा कि परमेश्वर के सामने अन्यजाति की धार्मिकता यहूदी या ईसाई धर्मांतरण तक सीमित नहीं है।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
तनाख़ और हज़ाल धार्मिक गैर-यहूदियों की वास्तविक श्रेणी सुरक्षित रखते हैं। इस्राएल की अलग वाचा है, पर परमेश्वर के सामने धार्मिकता यहूदी धर्म में परिवर्तन तक सीमित नहीं, और हिब्रू बाइबिल ईसाई स्वीकारोक्ति को अन्यजाति-धार्मिकता की शर्त कभी नहीं बनाती।
- सत्यापित: तोराह और तनाख़ इस्राएल की वाचा-संबंधी पहचान को राष्ट्रों से अलग करते हैं।
- हज़ाल में सत्यापित: धार्मिक गैर-यहूदियों का आने वाले संसार में भाग है।
- यहूदी कानून में सत्यापित: अन्यजाति की धार्मिकता के लिए यहूदी धर्म में परिवर्तन आवश्यक नहीं है।
- तनाख़ से असमर्थित: यह दावा कि ईसाई बनना वह आवश्यक मार्ग है जिससे अन्यजाति परमेश्वर के सामने धार्मिक बनता है।
जो प्रश्न अभी बाकी है
नामित वाचा-पक्षों, हर स्थिति से जुड़ी आज्ञाओं तथा राष्ट्रों में बने रहने या इस्राएल से जुड़ने के मार्गों को सामने रखने पर ईसाई प्रमाण-पाठों का व्यापक मामला कितना टिकता है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
लेख का अगला उचित प्रमाण-क्षेत्र इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: ईसाई प्रमाण-पाठों की जाँच, कलीसियाई अधिकार से बाहर निकलना और एक परमेश्वर की ओर लौटना। इसलिए DETOX FROM CHRISTIANITY उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।
पूरी जाँच जारी रखें
स्थानीय प्रश्न और उसके प्रमाण की सीमा स्पष्ट होने के बाद अगला कदम DETOX FROM CHRISTIANITY है। यह पुस्तक ईसाई प्रमाण-पाठों की जाँच, कलीसियाई अधिकार से बाहर निकलना और एक परमेश्वर की ओर लौटना के लिए बनाई गई है।
