साक्ष्य सेतु

क्या व्यवस्थाविवरण 30 परमेश्वर की शिक्षा को समझने और करने योग्य बताता है, या ऐसा रहस्य जिसे साधारण लोग प्रश्न न करें?

पाठक छिपी बातों और प्रकट जिम्मेदारियों का भेद रखते हुए यह देख सकेगा कि तोराह साधारण इस्राएल को आज्ञा की जाँच और पालन से नहीं रोकती।

इस लेख से क्या स्थापित हुआ

मूसा तोराह को ऐसा अगम्य रहस्य नहीं बताता जिसे साधारण इस्राएली जाँचने से डरें। व्यवस्थाविवरण 30 कहता है कि आज्ञा न बहुत कठिन है, न दूर, बल्कि मुँह और हृदय में बहुत निकट है—उसे करने के लिए।

  • सत्यापित: व्यवस्थाविवरण 30 प्रकट आज्ञा को पहुँच योग्य, निकट और करने योग्य बताता है।
  • सत्यापित: तोराह छिपी बातों और प्रकट जिम्मेदारियों में भेद करती है।
  • असमर्थित: यह दावा कि बाइबिल का विश्वास साधारण लोगों से बाद के सिद्धांत में दिखाई देने वाले विरोधाभासों पर प्रश्न करना छोड़ने को कहता है।
  • अत्यधिक व्यापक: «परमेश्वर के विषय में हर सत्य आसानी से समझ आना चाहिए।» व्यवस्थाविवरण 30 ऐसा नहीं कहता।

जो प्रश्न अभी बाकी है

तनाख़ की बुद्धि, ज्ञान, परीक्षण और सार्वजनिक प्रकाशन की प्रशंसा को सामने रखने पर नए नियम से पहले पूछे जाने वाले व्यापक ईसाई प्रश्नों में क्या बचता है?

यह पुस्तक अगला कदम क्यों है

लेख का अगला उचित प्रमाण-क्षेत्र इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: नए नियम से उत्तर लेने से पहले ईसाई दावों को हिब्रू बाइबिल के सामने रखने वाले दो सौ प्रश्न। इसलिए BEFORE YOU BELIEVE: 200 Questions Christianity Must Answer From the Hebrew Bible First उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।

पूरी जाँच जारी रखें

स्थानीय प्रश्न और उसके प्रमाण की सीमा स्पष्ट होने के बाद अगला कदम BEFORE YOU BELIEVE: 200 Questions Christianity Must Answer From the Hebrew Bible First है। यह पुस्तक नए नियम से उत्तर लेने से पहले ईसाई दावों को हिब्रू बाइबिल के सामने रखने वाले दो सौ प्रश्न के लिए बनाई गई है।