साक्ष्य सेतु
क्या दानिय्येल 9 स्वयं यीशु का नाम लेता है, या वह पहचान बाद की कालगणना, चुनिंदा अनुवाद और पीछे से जोड़ी गई व्याख्या पर निर्भर है?
पाठक अंश के वास्तविक विषयों और किसी विशेष मसीहाई पहचान तक पहुँचने के लिए चुनी गई तिथियों, अनुवादों और विभाजनों के बीच अंतर कर सकेगा।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
दानिय्येल 9 यरूशलेम, निर्वासन, पाप, सत्तर सप्ताह, एक अभिषिक्त जन, विनाश और वाचा-संकट की बात करता है। वह यीशु का नाम नहीं लेता, और यीशु तक पहुँचने वाली कालगणना चुनी गई आरंभ-तिथि, विभाजन और अनुवाद पर निर्भर है।
- दानिय्येल 9 यीशु का स्वतः पहचान कराने वाला प्रमाण नहीं है। किसी यीशु-केंद्रित समयरेखा को अपनी तिथियों, पाठीय चुनावों और निष्कर्षों को अलग से सिद्ध करना होगा।
जो प्रश्न अभी बाकी है
हिब्रू-अरामाई पाठ, ऐतिहासिक संदर्भ, कालक्रम और प्रतीकात्मक पहचानों को सामने रखने पर दानिय्येल 2, 7, 9 और 12 के व्यापक ईसाई उपयोग में क्या बचता है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
लेख का अगला उचित दायरा इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: दानिय्येल 2, 7, 9 और 12, मनुष्य का पुत्र, सत्तर सप्ताह, पुनरुत्थान और भविष्यवाणी-तालिकाओं की जाँच। इसलिए Daniel Under Torah's Court: Debunking the Christian misuse of the Book of Daniel उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।
इस प्रश्न के व्यापक प्रमाण-क्षेत्र को स्पष्ट करने के बाद अगला कदम Daniel Under Torah's Court: Debunking the Christian misuse of the Book of Daniel है। यह पुस्तक दानिय्येल 2, 7, 9 और 12, मनुष्य का पुत्र, सत्तर सप्ताह, पुनरुत्थान और भविष्यवाणी-तालिकाओं की जाँच के लिए बनाई गई है।
