साक्ष्य सेतु

यदि यह मित्ज़्वा, कोरबान, हलाख़िक पालन या परमेश्वर द्वारा इस्राएल को आज्ञापित वाचा-कर्म नहीं, तो यह क्या है?

पाठक ईसाई प्रतिरूपात्मक तुलना की संभावना स्वीकार करते हुए यह देख सकेगा कि समानता स्वयं मित्ज़्वा को यीशु की मूल भविष्यवाणी नहीं बनाती।

इस लेख से क्या स्थापित हुआ

निर्गमन फसह को मिस्र से निकास का इस्राएली वाचा-स्मारक बताता है, जिसमें आज्ञापित रीति और घोषित कारण हैं। बाद की ईसाई समानता ईसाइयों के लिए अर्थपूर्ण हो सकती है, पर समानता मित्ज़्वा को स्वयं यीशु की भविष्यवाणी नहीं बनाती।

  • सत्यापित: तोराह फसह को मिस्र से निर्गमन में जड़ित इस्राएली वाचा-पालन के रूप में परिभाषित करती है।
  • सत्यापित: तोराह पालन के ऐतिहासिक और अनुष्ठानिक कारण बताती है।
  • बाद की ईसाई व्याख्या के रूप में संभव: यीशु की तुलना फसह की छवियों से प्रतिरूपात्मक रूप में की जाए।
  • नियंत्रक तोराह कथा से असमर्थित: यह दावा कि फसह की मित्ज़्वा मूलतः यीशु की गुप्त भविष्यवाणी थी।

जो प्रश्न अभी बाकी है

मूल कथा, घोषित उद्देश्य और भावी संदर्भ के किसी पाठीय संकेत को नियंत्रण में रखने पर ईसाई संकेतों, छायाओं और प्रमाण-पाठों का व्यापक मामला कितना टिकता है?

यह पुस्तक अगला कदम क्यों है

लेख का अगला उचित प्रमाण-क्षेत्र इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: ईसाई संकेतों, प्रतिरूपों, छायाओं, समानताओं, गुप्त संकेतों और प्रमाण-पाठों की तोराह के नियमों के भीतर जाँच। इसलिए 666 Shadows of Jesus? उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।

पूरी जाँच जारी रखें

स्थानीय प्रश्न और उसके प्रमाण की सीमा स्पष्ट होने के बाद अगला कदम 666 Shadows of Jesus? है। यह पुस्तक ईसाई संकेतों, प्रतिरूपों, छायाओं, समानताओं, गुप्त संकेतों और प्रमाण-पाठों की तोराह के नियमों के भीतर जाँच के लिए बनाई गई है।