साक्ष्य सेतु
यदि चमत्कार बाद के धर्म को सिद्ध कर सकता है, तो व्यवस्थाविवरण 13 आज्ञाकारिता मोड़ने वाले चमत्कारकर्ता को अस्वीकारने को क्यों कहता है?
पाठक चमत्कार को जाँचने योग्य प्रमाण और धार्मिक अधिकार में अलग कर सकेगा: आश्चर्यकर्म सीनै को फिर से लिखने का अधिकार नहीं देता।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
व्यवस्थाविवरण 13 इस्राएल से हर कथित चमत्कार नकारने को नहीं कहता। वह चमत्कार-आधारित धर्म-समर्थन के लिए अधिक कठिन बात करता है: चिन्ह घटित हो सकता है, फिर भी यदि संदेश वाचा-निष्ठा मोड़ता है तो दावेदार को अस्वीकारना है। आश्चर्यकर्म जाँचने योग्य प्रमाण है, सीनै को फिर लिखने का अधिकार नहीं।
- सत्यापित: व्यवस्थाविवरण 13 चिन्ह या आश्चर्य घटित होने की संभावना रखते हुए भी दावेदार को स्वतः धार्मिक अधिकार नहीं देता।
- सत्यापित: चिन्ह के बाद भी वाचा-निष्ठा नियंत्रक कसौटी रहती है।
- संभव: कोई चमत्कार उस व्यापक मामले में प्रमाण का काम कर सकता है जो तोराह की पहले की परीक्षाओं में खरा उतरता हो।
- विवादित: यीशु संबंधी ईसाई दावे सीनै द्वारा माँगी गई उपासना को बनाए रखते हैं या मोड़ते हैं।
- नियंत्रक स्रोत से खंडित: यह सामान्य नियम कि «सच्चा चमत्कार बाद के धार्मिक संदेश को सत्य सिद्ध करता है।»
जो प्रश्न अभी बाकी है
सीनै के सार्वजनिक प्रकाशन, तोराह की नबी-परीक्षाओं और वाचा की निरंतरता को नियंत्रण में रखने पर धार्मिक दावों को जाँचने की व्यापक पद्धति क्या परिणाम देती है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
लेख का अगला उचित प्रमाण-क्षेत्र इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: पाठ, संदर्भ, वाचा, नबी-परिणाम और प्रमाण-भार से धार्मिक दावों को जाँचने की पद्धति। इसलिए The Frans Hansen Seven Gate Torah Verification System उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।
पूरी जाँच जारी रखें
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