साक्ष्य सेतु

यदि उद्धार केवल हाशेम का है, तो तोराह यीशु के नाम से उद्धार कहाँ अनिवार्य करती है?

पाठक मानवीय मसीहाई प्रतिनिधि की संभावित भूमिका को दिव्यता और हर मनुष्य के लिए यीशु का नाम पुकारने की कथित तोराह-आज्ञा से अलग रखेगा।

इस लेख से क्या स्थापित हुआ

तनाख़ बार-बार हाशेम को इस्राएल का उद्धारकर्ता कहता है, साथ ही मानव प्रतिनिधियों को मुक्ति के साधन बनने देता है। यह भेद एजेंसी की गुंजाइश देता है, पर यीशु का नाम पुकारने, उसे दिव्य मानने या उसके नाम में विश्वास को उद्धार की सार्वभौमिक शर्त बनाने की तोराह-आज्ञा नहीं बनाता।

  • सत्यापित: तनाख़ बार-बार हाशेम को अंतिम उद्धारकर्ता पहचानता है।
  • सत्यापित: तनाख़ मानव मुक्तिदाताओं को हाशेम के उद्धार के प्रतिनिधि बनने भी देता है।
  • संभव: कोई ईसाई दावा करे कि यीशु दिव्य उद्धार का अद्वितीय नियुक्त मसीहाई प्रतिनिधि है।
  • असमर्थित: तोराह हर मनुष्य से उद्धार की शर्त के रूप में यीशु का नाम पुकारने की माँग करती है।
  • असमर्थित: मानव उद्धारकारी प्रतिनिधियों का अस्तित्व सिद्ध करता है कि ऐसा प्रतिनिधि दिव्य है।

जो प्रश्न अभी बाकी है

हाशेम की उद्धारकारी भूमिका और मानव प्रतिनिधित्व पर नियंत्रक तोराह तथा नबी-वचनों को सामने रखने पर क्या त्रित्ववादी उद्धार-दावा सीनै और ईश्वरीय सरलता से संगत रहता है?

यह पुस्तक अगला कदम क्यों है

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