साक्ष्य सेतु
व्यवस्थाविवरण 4:2 «पूर्ति» नाम का ऐसा अपवाद कहाँ बनाता है जो आज्ञाओं को अप्रचलित होने देता है?
पाठक बाद के पूर्ति-दावे की संभावना और मूसा के नियम में लिखे कानूनी अपवाद को अलग कर सकेगा।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
व्यवस्थाविवरण 4:2 मूसा की आज्ञाओं में जोड़ने और घटाने को रोकता है। बाद का धर्मशास्त्र तर्क दे सकता है कि कुछ आज्ञाएँ नए वाचा-चरण में पहुँचीं, पर «पूर्ति» शब्द मूसा के नियम में लिखा अपवाद नहीं है।
- सत्यापित: व्यवस्थाविवरण 4:2 मूसा की आज्ञाओं में जोड़ने और घटाने से रोकता है।
- सत्यापित: पद में «पूर्ति» नाम का कोई अपवाद नहीं है।
- बाद के ईसाई धर्मशास्त्र के रूप में संभव: पूर्ति आज्ञाओं के वाचा-संबंधी प्रशासन को बदल देती है।
- व्यवस्थाविवरण 4:2 से असमर्थित: «पूर्ति» को न घटाने के नियम से स्वतः कानूनी छुटकारा बनाने का प्रयोग।
जो प्रश्न अभी बाकी है
नामित तोराह या नबी-पाठ और उसके कानूनी तथा वाचा-संबंधी कार्य को सामने रखने पर धार्मिक दावों की सात-द्वार पद्धति क्या परिणाम देती है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
लेख का अगला उचित प्रमाण-क्षेत्र इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: पाठ, संदर्भ, वाचा, नबी-परिणाम और प्रमाण-भार से धार्मिक दावों को जाँचने की पद्धति। इसलिए The Frans Hansen Seven Gate Torah Verification System उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।
पूरी जाँच जारी रखें
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