साक्ष्य सेतु
इब्रानियों का लेखक कौन था, और क्या लेखक का नाम उसके तोराह संबंधी तर्क को तय करता है?
पाठक पांडुलिपि के अंत में बाद में जोड़ी गई लेखक-सूचना को लेखकत्व का प्रमाण मानने के बजाय इब्रानियों के वाचा, याजकत्व और तोराह संबंधी तर्क को उसके अपने पाठ पर जाँच सकेगा।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
इब्रानियों की पत्री अनाम है, और तीमुथियुस का नाम लेने वाली पांडुलिपि के अंत में बाद में जोड़ी गई लेखक-सूचना लेखकत्व का प्रमाण नहीं है। बेहतर प्रश्न पाठीय है: इब्रानियों और पौलुस में समानताएँ हैं, पर इब्रानियों अपना अलग वाचा, याजकत्व और तोराह संबंधी तर्क विकसित करता है, जिसे यिर्मयाह और सीनै के सामने जाँचना होगा।
- मूल पोस्ट लेखकत्व के प्रमाण को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है। इब्रानियों में तीमुथियुस का उल्लेख है, पर लेखक का नाम नहीं है। धर्मशास्त्रीय तुलना फिर भी उपयोगी है, लेकिन उसे ऑथराइज़्ड किंग जेम्स वर्शन की बाद में जोड़ी गई लेखक-सूचना के बजाय पाठों पर टिकना होगा।
जो प्रश्न अभी बाकी है
लेखकत्व की अटकल अलग रखने पर यिर्मयाह 31, तोराह के याजकत्व और प्रायश्चित्त के नियम तथा नामित वाचा-पक्षों के सामने इब्रानियों का व्यापक तर्क कितना टिकता है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
लेख का अगला उचित दायरा इस पुस्तक के विषय से सीधे मेल खाता है: इब्रानियों के बेहतर वाचा, याजकत्व और प्रायश्चित्त संबंधी दावों की तोराह के नियमों के भीतर जाँच। इसलिए THE EPISTLE TO THE HEBREWS VS. THE HEBREW BIBLE उसी जाँच की अगली कड़ी है, कोई असंबंधित बिक्री नहीं।
इस प्रश्न के व्यापक प्रमाण-क्षेत्र को स्पष्ट करने के बाद अगला कदम THE EPISTLE TO THE HEBREWS VS. THE HEBREW BIBLE है। यह पुस्तक इब्रानियों के बेहतर वाचा, याजकत्व और प्रायश्चित्त संबंधी दावों की तोराह के नियमों के भीतर जाँच के लिए बनाई गई है।
