साक्ष्य सेतु
यदि मसीहा को मंदिर फिर से बनाना था, तो वह मंदिर कहाँ दिखाई देता है?
लक्ष्य आत्मिक मंदिर की ईसाई व्याख्या की संभावना स्वीकार करना और उसे वास्तविक नबी-अपेक्षा की पूरी हुई पहली-आगमन पूर्ति न मानना है।
इस लेख से क्या स्थापित हुआ
यहेजकेल की पुनर्स्थापना-दृष्टि दाऊदी शासक, एकत्रित इस्राएल, वाचा की आज्ञाकारिता, पवित्रस्थान और लोगों के बीच परमेश्वर के निवास को जोड़ती है। ईसाई धर्म मंदिर को यीशु के चारों ओर आत्मिक रूप दे सकता है, पर वह बाद का अनुप्रयोग नबियों की ठोस पुनर्स्थापना-भाषा नहीं मिटाता।
- मसीहाई पुनर्स्थापना-पाठ इस्राएल के भविष्य में एक ठोस पवित्रस्थान बनाए रखते हैं। आत्मिक मंदिर की व्याख्या ईसाई धर्मशास्त्रीय अनुप्रयोग हो सकती है, पर वह यह सिद्ध नहीं करती कि भौतिक नबी-अपेक्षा यीशु के पहले आगमन में पूरी हो गई।
जो प्रश्न अभी बाकी है
मसीहाई राजा और युग के नबी-वर्णनों, प्रस्तुत प्रमाण और वास्तविक परिणामों को सामने रखने पर टाली गई मसीहाई पूर्तियों का व्यापक दावा क्या टिकता है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
The Warnings of the Prophets: Why Christianity Fails the Collective Prophetic Witness of Israel अगला कदम है, क्योंकि यह खुले हुए प्रश्न को ठीक उसी व्यापक क्षेत्र तक ले जाती है: मूसा और इस्राएल की सामूहिक नबी-साक्षी के सामने ईसाई दावों तथा टाली गई मसीहाई पूर्तियों की जाँच। यह विस्तार उसी साक्ष्य और प्रमाण-भार को बनाए रखता है; विषय को किसी असंबंधित बहस में नहीं बदलता।
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