साक्ष्य सेतु
ईसाई और यहूदी विद्वान पीढ़ियों से इस प्रश्न से जूझते रहे हैं: क्या यीशु ने अपने शिष्यों के साथ फसह का भोजन खाया, या वह भोजन शुरू होने से पहले मर गया?
यह पृष्ठ अंग्रेज़ी स्रोत के दावे, उसके प्रमाण और उसकी सीमाओं को अलग करता है, ताकि बाद की धर्मशास्त्रीय व्याख्या पाठ से अधिक निष्कर्ष न निकाले।
इस लेख ने क्या स्थापित किया
समानदर्शी सुसमाचार अंतिम भोज को फसह के भोजन के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जबकि यूहन्ना की भाषा मुख्य फसह-भोजन और तैयारी को गिरफ्तारी के बाद रखती प्रतीत होती है। सामंजस्यकारी व्याख्याएँ हैं, पर पाठगत तनाव वास्तविक है। एक सुसमाचार की कालक्रम-रेखा चुनकर उसे चारों की सर्वसम्मति कहना इसे मिटाता नहीं।
- सत्यापित: समानदर्शी सुसमाचार अंतिम भोज को स्पष्ट फसह-तैयारी की भाषा में प्रस्तुत करते हैं।
- सत्यापित: यूहन्ना में फसह-संबंधी भाषा है जो समयक्रम में स्वाभाविक रूप से बाद की प्रतीत होती है।
- संभव: पर्व की व्यापक शब्दावली या पंचांग के भेद वृत्तांतों में सामंजस्य ला सकते हैं।
- विवादित: ठीक ऐतिहासिक समयक्रम।
- असमर्थित: व्याख्यात्मक सामंजस्य के बिना यह दावा कि चारों सुसमाचार एक ही अस्पष्टतारहित फसह-समयरेखा देते हैं।
जो प्रश्न अभी शेष है
इस निष्कर्ष के बाद व्यापक प्रश्न यह है: क्या यही दावा मत्ती से यूहन्ना तक सुसमाचारों की इब्रानी बाइबिल, सेप्टुआजेंट और तोराह-संदर्भ के विरुद्ध पंक्ति-दर-पंक्ति जाँच के पूरे साक्ष्य-क्षेत्र में समान पाठीय और वाचा-संबंधी मानकों के अधीन टिकता है?
यह पुस्तक अगला कदम क्यों है
यह पुस्तक अगला उचित कदम है क्योंकि यह उसी अनसुलझे प्रश्न को मत्ती से यूहन्ना तक सुसमाचारों की इब्रानी बाइबिल, सेप्टुआजेंट और तोराह-संदर्भ के विरुद्ध पंक्ति-दर-पंक्ति जाँच के व्यापक क्षेत्र में जाँचती है। विषय नहीं बदला जाता; उसी दावे को अधिक स्रोतों और समान प्रमाण-भार पर परखा जाता है।
इस प्रश्न की विस्तृत जाँच के लिए The Gospels on Trial देखें। यह पुस्तक मत्ती से यूहन्ना तक सुसमाचारों की इब्रानी बाइबिल, सेप्टुआजेंट और तोराह-संदर्भ के विरुद्ध पंक्ति-दर-पंक्ति जाँच का व्यवस्थित परीक्षण प्रस्तुत करती है।
